एईएस के लक्षण मिलने के साथ बिना देरी नजदीकी अस्पतालों में कराएं भर्ती

जांच

मोतिहारी।समाहरणालयकेराधाकृष्णभवनमेंएईएसवजेईरोकथामएवंकालाजारनियंत्रणकार्यक्रमकेलिएजिलाटास्कफोर्सकीबैठकजिलाधिकारीकमलेशकुमारसिंहकीअध्यक्षतामेंहुई।जिसमेंअपरसमाहर्ताशशिशेखरचौधरी,सीएसडॉ.अखिलेश्वरप्रसादसिंह,एईएसवजेईकेनोडलपदाधिकारीसुधीरकुमारकेसाथ-साथजिलाशिक्षापदाधिकारी,जिलाप्रोग्रामपदाधिकारीआइसीडीएस,जीविकाकेजिलाप्रबंधक,जिलेकेसभीबालविकासपरियो•ानापदाधिकारीउपस्थितथे।बैठकमेंबतायागयाकिपूर्वतैयारीकेरूपमेंजिलेकेसभीप्राथमिकएवंसामुदायिकस्वास्थ्यकेंद्रोंकोसभी50जरूरीदवाओंकोउपलब्धरखनेकानिर्देशदियागया.सभीप्राथमिकस्वास्थ्यकेन्द्रोंपरसंभावितमरीजोंकेलिएपर्याप्तबिस्तरकीव्यवस्था,आपातकालीनउपकरणोंकेअलावाएंबुलेंसकीव्यवस्थासुनिश्चितकरनेकानिर्देशदियागया.पदाधिकारियोंकोसंबोधितकरतेहुएबतायाकीकिसीभीबुखारवालेबच्चेकोजिसकाउम्र6माहसे10वर्षतकहैउसेतुरंतअपनेनजदीकीस्वास्थ्यकेंद्रमेंपहुचाएं।इसकेलिएसरकारद्वाराएंबुलेंसकीव्यवस्थाकीगईहैएम्बुलेंसकेपहुंचनेमेंदेरीहोनेपरपीड़ितअपनेस्तरसेवाहनकीव्यवस्थाकरस्वास्थ्यकेंद्रपहुंचे,जिसकाभुगतानअस्पतालद्वारामरी•ाकेपहुंचातेहीकियाजानाहै।सिविलसर्जनडॉअखिलेश्वरप्रसादसिंहनेबतायाकिहमारेविकाससहयोगीसंस्थाद्वाराअपेक्षाकीजातीहैकिकेयरइंडियाएवंयूनिसेफद्वारापिछलेवर्षकीतरहइसवर्षभीअपेक्षितसहयोगप्राप्तहोतारहेगा।बैठकमेंकेयरइंडियाकेटीमलीडरअभयकुमारभगतएवंयूनिसेफकेधर्मेन्द्रकुमारनेअपनेपूर्णसहयोगकाआश्वासनदिया।इसकेसाथहीबैठकमेंकालाजारउन्मूलनहेतुप्रस्तुतिकेयरइंडियाकेजिलाकार्यक्रमपदाधिकारीपदाधिकारीमुकेशकुमारनेदिया।बतायागयाकिजिलेमेंअभीतोकालाजारनियंत्रणकेक्षेत्रमेंबेहतरकामकियाजारहाहै।जिससेकालाजारमरीजोंकीसंख्यालगातारगिररहीहै।पिछले2015में353मरीजोंकाइला•ाकरउन्हेंठीककियागयाथा।2020मेंमरीजोंकीकुलसंख्या69मात्ररहगईहै।कालाजारकेरोकथामहेतुसिथेटिकपायराथायराइडकाछिडकावकुल215प्रभावितगांवोंमेंमार्चकेपहलेसप्ताहमेंप्रस्तावितहै।जिलाधिकारीनेसभीजनतासेअपीलकीहैकिछिडकावदलकेआनेपरसभीलोगअपनेघरमेंछिडकावअवश्यकराएं।