किसानों की आर्थिक हालत खराब हुई, कृषि लागत बढ़ी: औजला

जांच

जागरणसंवाददाता,अमृतसर:सांसदगुरजीतसिंहऔजलावविधायकडा.राजकुमारवेरकानेबुधवारको'आमदनीनहुईदोगुनी,दर्दहुआसोगुना'बुकलेटलांचकरतेहुएकिसानोंकीव्यथाकोबयांकिया।उन्होंनेकहाकिभाजपाकेराजमेंकिसानोंकोआमदनीकुछनहींहुईऔरउन्हेंदर्दकईझेलनेपड़ेहैं।पहलेकिसानोंकोखत्मकरनेकेलिएतीनकालेकानूनपासकरदिएगए।किसानोंनेकानूनवापसलेनेपरमजबूरकरदिया।उन्होंनेकहाकिभाजपानेजबसेकेंद्रमेंसत्तासंभालीथी,तभीसेहीउनकीकिसानविरोधीनीतियांथी।उन्होंनेकहाकिराष्ट्रीयसांख्यिकीयकार्यालयद्वाराग्रामीणभारतमेंकृषिपरिवारोंकीस्थितिकोलेकरसितंबर2021मेंरिपोर्टजारीकीगई,जिसमेंभारतकेकिसानोंकीजोदुर्दशासामनेआईहै,उसेशब्दोंमेंव्यक्तकरनाभीकठिनहै।इसरिपोर्टसेपताचलताहैकिखेतीकीलागतकोकईगुनाबढ़ादियागयाहै।भारतके50.2प्रतिशतकिसानकर्जमेंडूबेहुएहैं,जिनकाप्रतिपरिवारऔसतनकर्ज74.121रुपयेहै।कईराज्योंमेंतोयहस्थितिभयावहहै।धानऔरगेहूंकोछोड़करकोईभीफसलएमएसपीपरछहप्रतिशतसेअधिकनहींखरीदीजाती।इतनाहीनहींखुलेबाजारमेंअच्छेदाममिलनेकादावाकरनेवालीमोदीसरकारकीपोलखुलगई।इसरिपोर्टमेंखुलासाहुआकिजनवरी2018सेदिसंबर2019केबीच0से0.5प्रतिशतहीफसलोंकोसमर्थनमूल्यसेअधिककीमतबाजारमेंमिलीहै।इसरिपोर्टमेंयहभीबतायागयाहैकिबाजारमूल्यतोएमएसपीसेभीकमथाऔर57.4प्रतिशतकिसानोंकोउसबाजारमूल्यसेभीकमदाममिलेहै।