कोरोना के डर से लौटे मजदूर बने किसानों के मददगार

जांच

जासं,सैयदराजा(चंदौली):कोरोनासंक्रमणकेचलतेगैरप्रांतोंसेलौटेश्रमिकअन्नदाताओंकेलिएमददगारसाबितहोरहे।लॉकडाउनकेचलतेउत्पन्नमजदूरोंकीकिल्लतकाफीहदतकतकदूरहुईहै।सैयदराजाक्षेत्रमेंरबीकीफसलपककरपूरीतरहतैयारहै।कटाईकिसानोंकीसबसेबड़ीसमस्याथी,जिसकासमाधाननिकलतादिखाईदेरहा।दूसरापहलूयहकिमजदूरोंकोभीकाममिलरहा।

कुछकिसानोंकीफसलकटकरखलिहानमेंआगईहैतोकुछकटाईमेंव्यस्तहैं।सैयदराजा,नौबतपुर,मानिकपुर,परेवांसहितआस-पासकेगांवमेंखेतोंपरगेहूंकीकटाईजोरोंपरहै।कोरोनासंक्रमणकोध्यानमेंरखतेहुएलोगशारीरिकदूरीकाभीपालनकररहेहैं।मौजानरवनकेकिसानघनश्यामबतातेहैंकिइसबारमजदूरोंकीउपलब्धताआसानीसेहोगई।उनकेखेतोंमेंकटाईकाकार्यकईदिनोंसेचलरहाहै।वहींहरियाणासेवापसआएमजदूररमेशकाकहनाहैकिगांवआनेकेबादउसकेपासकोईकामनहींथा,लेकिनफसलकटाईकाअवसरहैजोउसकेलिएलाभप्रदहै।मानिकपुरनिवासीकिसानबतातेहैंकिइसबारफसलकीकटाईसमयपरहोजाएगीऔरमौजूदाहालातमेंभीअगलीफसलकेलिएसंसाधनकीकमीनहींहोगी।किसानोंकाकहनाहैकिऐसेसमयमेंजबसंसाधनोंकीकमीहोगईहैतोमजदूरोंकावापसआनासभीकेलिएफायदेमंदसाबितहोरहाहै।किसानोंकाभीलाभहुआऔरदूसरेप्रांतोंसेवापसआएकामगारोंकोकामभीमिलरहाहै।