कृष्ण कुमार ने विद्यालय में सजाई आरोग्य वाटिका

जांच

अशोकत्रिवेदी,औरैया:कुछवर्षपहलेतकजहांधूलउड़तीथी।आजवहांविभिन्नप्रजातिकेसैकड़ोंऔषधीयपौधेदिखाईदेतेहैं।हमबातकररहेहैंप्राथमिकविद्यालयरामपुरकीमड़ैयाभाग्यनगरकी।यहआजआरोग्यवाटिकाकेरूपमेंख्यातिपारहाहै।यहांप्रकृतिमेंरंगभरनेकाकामकियाहैयोगकेमर्मज्ञवप्रकृतिसेविशेषजुड़ावरखनेवालेप्रधानाध्यापककृष्णकुमारसिंहने।

17अगस्त2015सेप्रधानाध्यापकपदपरतैनातीकेबादउनकेजुनूननेविद्यालयकापूरापरिवेशहीबदलदिया।आजबच्चोंवगांवकेलोगोंकोयोगऔरप्रकृतिकेसाथस्वास्थ्यकेप्रतिजागरुकतादिखाईदेतीहै।जिसकेपरिणामस्वरूपगांवहीनहींआसपासकेविद्यालयभीउनकेइसकार्यसेप्रभावितहोबदलावकीराहपरचलदिएहैं।पंचायतकेकरीबआठविद्यालयोंमेंहरियालीआचुकीहै।कईबारयोगाकेलिएसम्मानितहोचुकेहैं।उनकालक्ष्ययोगऔरयोगवाटिकाकेसाथस्वस्थशैक्षिकपरिवेशकानिर्माणकरनाहै।विषमपरिस्थितियोंमेंभीउन्होंनेस्वयंवपरिवारकेसाथसंकल्पबद्धहोकरप्रतिदिनविद्यालयसमयवछुट्टियोंमेंलगाएगएपौधोंकोसींचा।हरबच्चेवपरिवारसेव्यक्तिगतजुड़ावउनकीविशेषकलाकोदर्शाताहै।इसकेसाथहीशिक्षकउन्नयनकेगीतलिखनावकविताकीरचनाभीप्रदेशमेंसराहीजातीहै।विद्यालयकावातावरणकिसीमनोरमपार्ककीतरहहोगयाहै।जिसमेंकलरवकरतेविभिन्नप्रकारकेपक्षीदिखाईदेतेहैं।साथहीउनकेभोजनपानीकीविशेषव्यवस्थाभीदेखनेकोमिलतीहै।ग्रामीणोंकोमिलरहाआयुर्वेदकालाभ

विद्यालयपरिसरमेंनीम,आंवला,हरसृंगार,बेल,अंगूर,अनार,पतीता,गिलोय,एलोबेराआदिकेकरीबसौपौधेलगाएगएहैं।किसीभीप्रकारकीबीमारीसेनिपटनेकेलिएउन्हेंऔषधियांयहांसेप्राप्तहोजातीहैं।अंग्रेजीदवाओंसेछुटकारादिलानेकेलिएदैनिकयोग,व्यायामआदिकासमयभीग्रामीणोंकोदेतेहैं।विद्यालयमेंहीमनातेबच्चेकाजन्मदिन

अपनेचारवर्षकेबच्चेअक्षजकाजन्मदिनवहप्रतिवर्षसातजूनकोविद्यालयमेंहीमनातेहैं।पूरेगांवकोबगीचेमेंबैठाकरपूरेदिनकाप्रोग्रामरखतेहैं।जूनमाहमेंवहछुट्टियांबाहरनजाकरपरिवारकेसाथप्रतिदिनपौधोंकीसेवामेंगुजारतेहैं।गांवकेलोगोंनेभीअपनेबच्चोंकेजन्मदिनविद्यालयपरिसरमेंहीमनानेशुरूकरदिएहैं।उनकोदेखकरकिसानखेतोंपरभीपौधोंकोलगानेमेंरुचिदिखारहेहैं।