कष्ट तो है, पर देशद्रोही पुत्र मंजूर नहीं

जांच

मधुबनी।उत्तरप्रदेशकेरामपुरसीआरपीएफग्रुपसेंटरपरआतंकीहमलेमेंतृतीयअपरजिलासत्रन्यायधीशसंजयकुमारकीअदालतनेशनिवारकोसभीदोषियोंकोसजासुनाई।चारकोफांसी,एककोउम्रकैदवएककोदसवर्षकैदकीसजादीगई।फांसीकीसजापानेवालोंमेंमधुबनीकेरहिकाप्रखंडकेसकरीथानान्तर्गतसनौरपंचायतकेगंधवारीगांवमेंमो.शब्बीरअहमदकाबड़ापुत्रमो.सबाउद्दीनभीशामिलहै।सबाउद्दीनकेपिताशब्बीरअहमदमायूसहोकहतेहैंकिहमेंजबपहलीबारमालूमहुआकीसबाउद्दीनआतंकीहमलोंकादोषीहैतोसबोंकोबहुतदुख

हुआ।मगर,उन्होंनेउसीसमयनिर्णयलेलियाथाकीवेकभीसबाउद्दीनसेमिलनेनहींजाएंगे।उसकेलिएकहींकोईपैरवीयामुकदमामेंबचावनहींकरेंगे।उन्होंनेकहाथाकीयदिवहनिर्दोषसाबितहोकरबाइज्जतबरीहोकरवापसआएगातभीवहउनकाबेटाकहलाएगा।वरनादेशद्रोहीयाअपराधीसेहमेंकोईमतलबनहींरखनाहै।अपनेइसवचनकापालनवेआजभीकररहेहैं।इसलिएवेअबतकएकबारभीमिलनेनहींगएहैं।आंखोंमेंआंसूलिएकहतेहैं,लगताथाकिवहनिर्दोषहै।बरीहोकरवापसआएगा।मगर,वहदोषीपायागयाहै।उसेफांसीकीसजामिलीहै।यहखबरसुननेकेबादसेहीपरिवारकेलोगसदमेमेंहैं।सबाउद्दीनकीमांबेटेकीखबरसुननेकेबादसेहीबेसुधसीहै।वहींबीमारपिताउदासवमायूसघरमेंबैठेहैं।दोनोंबहनोंकीशादीहोचुकीहै।वेससुरालमेंहैं।दोनोंछोटाभाईपढ़ाईखत्मकरदूसरेशहरमेंनौकरीकररहाहै।घरपरवृद्धमाता-पिताहीहैं।

मुखियाअशोकरामवग्रामीणविमलकुमारठाकुर,मो.कमरेआलमवमो.गन्नीसमेतअन्यकहतेहैं,एकअच्छेपरिवारकायुवकइसतरहकीघटनाकोअंजामदेगाहमसोचभीनहींसकतेथे।उक्तघटनाकेकारणहमारेगांवसमाजकीबदनामीहुईहै।इसतरहकीसोचवालेयुवाओंकेलिएइससमाजमेंकोईजगहनहींहै।हरकोईचाहताहैकीउसकेगांवसमाजकेदेशमेंनामहो।उसकेअच्छेकामकेलिए।मगर,जिससमाजमेंसबाउद्दीनजैसेयुवकरहेंगेउसकोबदनामीहीमिलतीहै।आजपूरागांवउक्तघटनासेशर्मसारहै।कौनहैसबाउद्दीन:

शब्बीरअहमदबीएएलएलबीकरनेकेबावजूदअपनेपुस्तैनीजमीनपरखेतीबारीकरअपनेपरिवारकापालनपोषणकरतेरहेहैं।वेवर्ष2001सेनियमितरूपसेपंचायतसमितिसदस्यहैं।शब्बीरअहमदकोतीनपुत्रवदोपुत्रीयोंमेंमो.सबाउद्दीनसबसेबड़ाबेटाहै।परिजनोंकीमानेंतोबचपनसेसबाउद्दीनकाफीशांतस्वभावकाथा।उसनेमौसीकेयहांकमतौलमेंरहकरदसवींकीपढ़ाईकीथी।इसकेबादवहदरभंगामिल्लतकॉलेजमेंइंटरमेंनामांकनकरवाया।लेकिन,इसीदरम्यानवहअलीगढ़पढ़नेचलागया।वहांपढ़ाईमेंसफलनहींहोनेपरगांवआयाऔरअपनेदोअन्यसाथियोंकेसाथबंगलूरकामकेसाथपढ़ाईभीकरनेकाबहानाबनाकरवर्ष2005-6मेंचलागया।इसकेबादसेउसकासंपर्कअपनेपितासेनहींरहा।इसीदरम्यानउसकासंपर्कलोगोंसेहोगया।उसकेपिताकोइनसबबातोंकीजानकारीतबहुईजबवर्ष2008मेंवहपकड़ागयाऔरपुलिसपुछताछकेलिएउसकेपैतृकघरपहुंची।यहहैघटना:उत्तरप्रदेशकेरामपुरस्थितसीआरपीएफग्रुपसेंटरपर31दिसंबर2007कीरातढाईबजेआतंकियोंनेहमलाकरदियाथा।आतंकीसेंटरकेगेटनंबरएकजोदिल्ली-लखनऊहाईवेपरहैसेघुसेथे।आतंकियोंनेगेटपरमौजूदजवानोंपरगोलियांबरसाईंऔरहैंडग्रेनेडभीफेंकेथे।इसकेबादएके-47सेगोलियांबरसातेहुएकाफीअंदरतकघुसआएथे।इसहमलेमेंसीआरपीएफकेसातजवानशहीदहोगएथे।गेटकेबाहरएकरिक्शाचालककीभीमौतहोगईथी।पुलिसनेहमलेकेआरोपमेंआठलोगोंको10फरवरी2008कोगिरफ्तारकरजेलभेजदियाथा।