पारंपरिक गन्ना बेल्ट में केले की 'घुसपैठ'

जांच

जेएनएन,बिजनौर।बिजनौरहीनहींपश्चिमउत्तरप्रदेशगन्नाबेल्टकेनामसेप्रसिद्धहै।गन्नेकीबेकद्रीसेकाफीकिसानोंनेपारंपरिकखेतीछोड़करतकनीकीएवंअन्यफसलोंकीपैदावारलेनेकोअपनेकदमबढ़ादिएहैं।गन्नाबेल्टमेंसालदरसालकेलाअपनीघुसपैठबनाताजारहाहै।वर्तमानमेंजनपदकेअनेककिसान340हेक्टेयरमेंकेलेकीखेतीकेजरिएअपनीआयबढ़ारहेहैं।

जनपदमेंसवादोलाखहेक्टेयरक्षेत्रफलमेंगन्नेकीपैदावारीहोरहीहै।यहांगन्नेकीफसलकिसानोंकेलिएकैशक्रापहै,लेकिनभुगतानसमयसेनहींमिलनेसेकिसानोंकामोहभंगहोनेलगाहै।गन्नाबेल्टमेंउद्यानविभागऔद्यानिकखेतीकोबढ़ावादेरहाहै।उद्यानविभागकिसानोंकोसब्जियों,फूलों,केला,पपीताआदिसब्जियोंकेलिएप्रेरितकररहाहैऔरशासनसेउक्तखेतीकोमिलनेवालेअनुदानकोकिसानोंकोउपलब्धकरारहाहै।अबसालदरसालकेलेकीखेतीकोबढ़ावामिलरहाहै।उद्यानविभागकेरिकार्डपरनजरडालेतोवर्तमानमेंकरीब340हेक्टेयरक्षेत्रफलमेंकेलेकीखेतीहोरहीहै।कोरोनाकालकाकेलेकीखेतीपरअसर

केलेकीखेतीकररहेकिसानराजेंद्रसिंहकाकहनाहैकिउन्होंनेगन्नेकीखेतीपूर्णरूपसेछोड़करकईसालोंकेकेलेकीखेतीकररहेहैं।उन्हेंदेखकरकईकिसानोंनेकेलेकीखेतीकरनीआरंभकरदीहै।वहभीइनकिसानोंकासमय-समयपरमार्गदर्शनकरतेरहतेहैं।कोरोनाकालमेंकेलेकीबिक्रीकीकीमतमेंतीनरुपयेप्रतिकुंतलकीगिरावटहोगईहै।अब1300रुपयेकुंतलकेहिसाबसेबिकीहै।

लोकलसेमहानगरोंमेंकररहेबिक्री

किसानराजेंद्रसिंहकाकहनाहैकिवहकेलेकीखेतीमेंकरीब30बीघामेंकरतेहैं।औसतन40से50कुंतलप्रतिबीघाकेहिसाबसेउत्पादनपारहेहैं।केलेकीबिक्रीजनपदकेलोकलव्यापारीसेलेकरमहानगरोंकेव्यापारीउनसेसंपर्ककरकेलेजातेहैं।यहांसेहीखरीदकरलेजातेहैं।यहमिलताहैअनुदान

उद्यानविभागकेअधिकारियोंकेअनुसारकेलेकीखेतीकरनेकेलिएकिसानोंकोअनुदानमिलताहै।यहअनुदानसरकारसेकिसानकोपहलेसाल30738रुपयेप्रतिहेक्टेयर,दूसरेसाल10245रुपयेप्रतिहेक्टेयरकेहिसाबसेअनुदानदेरहेहैं।-बोलेअधिकारी

जनपदमेंकिसानोंकारुझानकेलेकीखेतीकरनेकीओरबढ़रहाहै।पांचसालपहलेबहुतकमकेलेकीखेतीहोतीथी।विभागकीओरसेकिसानोंकोलगातारप्रेरितकियागया।जिलेमेंजी-9केलेकीप्रजातिकिसानलगारहेहैं।जूनमाहमेंकेलेकीपौधेलगानाअच्छासमयहोताहै।शासनसेकेलेकीखेतीकरनेवालेकिसानोंकोअनुदानउपलब्धकरायाजारहाहै।कोरोनाकालसेरकबाबढ़नेपरअसरपड़ाहै,वरनाइससालएकहजारहेक्टेयरमेंकेलेकाक्षेत्रफलहोनेकीसंभावनाथी।

-नरपालसिंहमलिक,जिलाउद्याननिरीक्षकबिजनौर।