पत्थरों को नक्काशी कर तैयार किया जा रहा मंदिर

जांच

संवादसहयोगी,रुद्रप्रयाग:अगस्त्यमुनिब्लाककेअन्तर्गतकांदीगांवमेंवर्षोपुरानाकौलजीतमंदिरकाइनदिनोंजीर्णोद्धारकार्यजोरोंपरचलरहाहै।इसमेंखासबातयहहैकिमंदिरमेंसीमेंटकीजगहपत्थरोंपरनक्काशीकीजारहाहै।स्थानीयनक्काशीकारीगरइसकार्यमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभारहेहैं।

मंदिरनिर्माणमेंलगनेवालेसारेपत्थरकोगांवकेपासकीचट्टानसेनिकालेजारहेहै।यहमंदिरपहाड़ीशैलीमेंतैयारकियाजारहाहै।जिससेमंदिरकीसुंदरताऔरबढ़सके।स्थानीयकारीगरइनपत्थरोंकीनक्काशीकररहेहै।ग्रामीणोंकेस्थानीयशिल्पकोतरजीहदेकरसराहनीयपहलकीजारहीहै।साथहीपत्थरोंकेनक्काशीकरनेवालेलोगोंकोरोजगारमिलाहै।मंदिरमेंहोनेवालेबडेधाíमककार्यक्रमोंकेआयोजनमेंकांदीगांवकेसाथहीबाडव,किरजांणी,केडा,मूलीकालंई,जाबरी,केवडी,आसौं,जयकंडीसमेतकईगांवोंकेलोगभीसहयोगकरतेहैं।तथामंदिरकीभक्तिमेंरमजातेहै।मंदिरमेंजीर्णोद्धारकाकार्यकरनेकेउपरान्तशुद्धिरणएवंहवनकियाजाएगा।गांवके96वर्षीयबुजुर्गकुंवरसिंहनेगीवशत्रुघ्ननेगीबतातेहैंकिगांवयहमंदिरवर्षोंपुरानाहै।मंदिरमेंनागदेवताकीपूजाहोतीहै।मान्यताहैकियदिक्षेत्रकेगांवमेंकिसीसांपकाटलेताहै,तोमंदिरकेअंदरएकांतमेंरखनेपरसांपअपनाजहरवापसलेलेताहै।लगभगएकघंटेबादवहअपनेपैरोंपरमंदिरसेबाहरआताहै।