सरकारी स्कूलों से मैट्रिक परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की घट रही संख्या

जांच

जागरणसंवाददाता,जहानाबाद:

सरकारीस्कूलोंमेंनिजीविद्यालयोंकीतरहसुविधाउपलब्धकरानेकेदावेऔरवादेकेबीचअभिभावकोंकाधीरे-धीरेइससेमोहभंगहोताजारहाहै।लोगअपनीकमाईकाअधिकांशहिस्साअबबच्चोंकीशिक्षापरखर्चकरनेसेगुरेजनहींकररहेहैं।यहीकारणहैकिबड़ीसंख्यामेंलोगनिजीविद्यालयोंमेंअपनेबच्चोंकानामांकनकरारहेहैं।परिणामस्वरूपबिहारविद्यालयपरीक्षासमितिद्वाराआयोजितहोनेवालीमैट्रिककीपरीक्षामेंपरीक्षार्थियोंकीसंख्यालगातारघटरहीहै।पिछलेवर्षयानी2021मेंजहां20033परीक्षार्थीजिलेमेंमैट्रिककेपरीक्षामेंशामिलहुएथेवहींइसवर्ष17फरवरीसेआयोजितहोनेवालीइसपरीक्षामें19095छात्र-छात्राएंशामिलहोरहेहैं।यानीपिछलेवर्षकीतुलनामेंइसबारपरीक्षार्थियोंकीसंख्या942कमहोगईहैलेकिनइसकामतलबयहकदापिनहींहैकीजिलेमेंछात्रोंकीसंख्याकमहोरहीहै।बल्किलोगसरकारीविद्यालयोंकीजगहसीबीएसईसेमान्यताप्राप्तनिजीस्कूलोंमेंअपनेबच्चोंकानामांकनकरारहेहैं।इसीतरह2020कीबातकरेंतोजिलेमें19743परीक्षार्थीमैट्रिककेपरीक्षामेंशामिलहुएथे।2019में23365तथा2018में25098परीक्षार्थीबिहारविद्यालयपरीक्षासमितिद्वाराआयोजितहोनेवालीमैट्रिककेपरीक्षामेंशामिलहुएथे।आंकडायहस्पष्टकरताहैकितेजीसेबिहारविद्यालयपरीक्षासमितिद्वाराआयोजितहोनेवालीपरीक्षामेंपरीक्षार्थियोंकीसंख्याकमहोरहीहै।2018कीतुलनामेंइसवर्ष6003परीक्षार्थियोंकीसंख्याकमहोगईहै।सबसेअधिकशिक्षापरहोरहालोगोंकाखर्चवर्तमानपरिवेशमेंबड़ेतबकेसेलेकरसामान्यवर्गतककेलोगअपनेबच्चोंकोनिजीविद्यालयोंमेंहीपढ़ानाचाहतेहैं।सब्जीबेचनेवालोंसेलेकररिक्शाचलानेवालेतककेबच्चेसीबीएसईमान्यताप्राप्तविद्यालयमेंपढ़ाईकररहेहैं।लोगोंकोअबसरकारकेवादेऔरभरोसेपरसंचालितस्कूलोंपरविश्वासनहींरहगयाहै।सरकारीविद्यालयोंमेंनामांकनकोबढ़ावादेनेकेउद्देश्यसेकईकार्यक्रमभीसंचालितहोरहेहैंलेकिनशिक्षाकीगुणवत्तानिजीविद्यालयकीतुलनामेंकमरहनेकेकारणलोगोंकाझुकावनहींहोरहाहै।लोगपेटकाटकरभीनिजीविद्यालयकेमहंगेशुल्ककीभरपाईअपनेबच्चोंकीभविष्यकोदेखतेहुएकरनेमेंतनिकभीसंकोचनहींकररहेहैं।हालांकिइसकागलतफायदाभीनिजीविद्यालयोंद्वारामनमानीशुल्ककेरूपमेंउठायाजारहाहै,लेकिनसरकारीविद्यालयोंमेंकहींशिक्षकोंकीकमीतोकहींसंसाधनोंकाअभावलोगोंकोनिजीस्कूलोंसेजुड़नेकीमजबूरीबनादीहै।हालातयहहैकिजिलेकेसभी42उच्चतथाउच्चमाध्यमिकविद्यालयोंमेंमात्रएकगांधीस्मारकइंटरस्तरीयविद्यालयमेंहीप्रधानाध्यापकहै।अन्यसभीविद्यालयोंमेंप्रभारीप्रधानाध्यापकसेहीकामचलायाजारहाहै।स्मार्टक्लासेसभीबच्चोंतथाअभिभावकोंकोनहींकरसकाआकर्षितनिजीविद्यालयकेतर्जपरशिक्षाकोबेहतरबनानेकेउद्देश्यसेउच्चतथाउच्चमाध्यमिकविद्यालयोंमेंस्मार्टक्लासेजकीव्यवस्थाकीगईहैलेकिनइससेभीलोगोंकोकोईखासफर्कनहींपड़रहाहै।शिक्षकोंकेअभावकेकारणअधिकांशविद्यालयोंकेस्मार्टक्लासेसकेउपकरणधूलफांकरहेहैं।प्रयोगशालातथापुस्तकालयकाभीअधिकांशस्थानोंपरयहीहालहै।शिक्षकोंकीकमीकेकारणसरकारीविद्यालयोंकेबच्चोंकोसिलेबसपूराकरनेकेलिएकोचिगसेंटरपरनिर्भररहनापड़ताहै।