संवाद सूत्र, किशनपुर (सुपौल): प्रखंड क्षेत्र के मेहासिमर पंचायत के मधुरा गांव में लघु पुस्तिका वैदिक विवाह पद्धति के दूसरे संस्करण का विमोचन पूर्व विधायक सह राजद के राष्ट्रीय सचिव यदुवंश कुमार यादव के द्वारा किया गया। विमोचन के बाद पूर्व विधायक ने कहा कि वेद और विज्ञान आधुनिक समाज के दो पहिया हैं। वेद हमारे आधुनिक समाज को सामाजिक रीति-रिवाज एवं जीवन को अनुशासित ढंग से जीने की कला इत्यादि में सहायता प्रदान करता है जबकि विज्ञान सामाजिक जीवन में नित्य आ रही बाधाओं को सुगम एवं जीवन को गतिशील बनाने में मदद करता है। पं. रविद्र प्रसाद आर्य द्वारा लिखित यह लघु पुस्तिका आधुनिक समाज के लिए उपयुक्त एवं सामाजिक रीति-रिवाज को सुगम करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने इसके लिए लेखक एवं संपादक को धन्यवाद दिया। लेखक ने कहा कि यह पुस्तक समाज के उन भावी कर्णधारों के विचारधाराओं की पुष्टि करती है जो समाज के प्रगति के लिए व्याकुल हैं। समाज की मान्यताओं के प्रति हमारे ²ष्टिकोण में परिवर्तन होना अब आवश्यक हो गया है। जहां समाज एवं महिलाओं के अंदर फैली जड़ता और रूढिवादिता, झूठे वाह्य आडंबरों के उन्मूलन के लिए आवश्यक हो गया है कि जनता में ऐसी जागृति लाई जाए जिससे जनता का शुद्ध वैदिक धर्म एवं एक देव परमेश्वर में विश्वास की भावनाओं का विकास हो सके। इस पुस्तक की रचना इसी लक्ष्य को ध्यान में रख कर की गई है। बताया कि इसका प्रथम संस्करण 1974 में साधारण रूप से प्रकाशित किया गया था। वह हाथों हाथ समाप्त हो गया। पाठकों के आग्रह पर इसका दूसरा संस्करण प्रकाशित किया गया। संपादक पं. शशिभूषण आर्य के अनुसार यह पुस्तक वेदों में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर संकलित है। विमोचन में सत्यदेव प्रसाद यादव, रमेश ठाकुर, गुणेश्वर प्रसाद यादव, उपेंद्र प्रसाद यादव, सरोज कुमार, डा. पंकज कुमार, सियाराम यादव एवं शैलेंद्र कुमार शामिल थे। इसका प्रकाशन मधुरा निवासी भोला प्रसाद यादव एवं बुधनी देवी के द्वारा किया गया।